तबस्सुम की िबजलियाँ,
मुकद्दर की बात है ।
रौशन िफज़ा हुई है,
रौशन िफज़ा हुई है DPS वडोदरा की,
खुशियाँ जो बेशुमार,
मुकद्दर की बात है ।
आज हम DPS में आप सबका स्वागत करते हैं, अभिनंदन करते हैं, बार-बार अभिवादन करते हैं ।
उत्साहित होकर प्रोत्साहित करने का,
आपने जो प्रण लिया है,
हैं बहुत कृतज्ञ हम,
जो आपने आितथ्य हमारा ग्रेहण िकया है ।
न जु़बान से, न निगाहों से,
न Greeting से, न Gift से,
इस जश्न में हम हमारे मुख्य अतिथि का स्वागत करते हैं, पुष्प गुच्छ से ।
चलो िफर से मुस्कराएँ, चलो िफर से िदये जलाएँ, आइए भारतीय संस्कृति की लाैव बढ़ाएँ,
िदये जलाएँ, ज्योत जलाएँ ।
मािणक जैसा व्यक्तित्व िजनका,
पवित्रता से परिपूर्ण,
मृगेश जैसा जीवन उनका,
शौर्य-निडरता से परिपूर्ण,
शब्दों से व्यक्त न हो,
एेसे असंख्य गुणों से परिपूर्ण,
सदैव प्रेरणा श्रोत रहे हैं,
हमारे प्रधानाचार्य - श्री N. K. Sinha
इसी के साथ मैं हमारे विद्यालय के माननीय प्रधानाचार्य, श्री N. K. Sinha से निवेदन करना चाहूँगा िक वे हमारे समक्ष आकर दो शब्द कहें ।
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